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Pus cells in urine : जानिए पस सेल्स होने के कारण और इसके बेहतरीन इलाज

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pus cells in urine, pus cells in urine normal range
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Pus cells in urine: से सम्बंधित सम्बन्घित जानकारी इस पोस्ट में दी गई है। pus cells in urine normal range क्या है आप यहाँ आसानी से जान सकते है l

जिन व्यक्तियों के यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन (Urine tract infection) तथा पेशाब में पस (Pus cells in urine) आता है, उन्हें इंफेक्शन (Infection) हो सकता है। किसी व्यक्ति के पेशाब में पस आने लगे तो इसका अर्थ है कि उस व्यक्ति के मूत्राशय मार्ग में ऊपरी अथवा निचले हिस्से में संक्रमण (Infection) हो गया है। मानव शरीर में पस सेल्स(pus cells), मृत श्वेत रक्त कणिकाओं (Dead white blood corpuscles) और अन्य मृत कोशिकाओं (Dead cells) के कारण बनती हैं।

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यदि किसी व्यक्ति के पेशाब में पस सेल्स की कोशिकाएं (Pus cells in urine) नजर आने लगती है, तो इस प्रकार की स्थिति को प्युरिया (Pyuria) कहा जाता है। इस स्थिति में व्यक्तियों को मूत्राशय और मूत्र मार्ग में समस्याएं आने लगती हैं। इस समस्या से कई तरह के संक्रमण भी हो सकते हैं।

मूत्र में पस सेल्स (pus cells in urine normal range) की संख्या 5 हैं, तो इसका मतलब है कि पुरुषों का स्वास्थ्य अच्छा है। लेकिन महिलाओं में पस सेल्स की संख्या 10 होना आवश्यक है।

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पस सेल्स आने के मुख्य कारण / Main reasons for arrival of pus cells

मूत्र में पस सेल्स आने के दो मुख्य कारण हो सकते हैं।

1- व्यक्ति की मूत्र नली में इन्फेक्शन अथवा यू.टी.आई. – महिलाओं का मूत्रमार्ग छोटा होता है। जिस कारण महिलाओं को पस सेल्स होने की संभावना ज्यादा रहती है।

2- सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (Sexually transmitted disease) या एस.टी.आई. – इस प्रकार के मरीजों में पस सेल्स (pus cells) होने की संभावना ज्यादा रहती है।

पस सेल्स के अन्य कारण

  • फंगल संक्रमण / Fungal infection
  • केमिकल पोइज़निंग / Chemical poisoning
  • वायरस संक्रमण/ Virus Infection
  • एनारोबिक बैक्टीरियल संक्रमण / Anaerobic bacterial infection
  • गुर्दे की पथरी / Kidney stone
  • पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि में संक्रमण / Prostate gland infections in men
  • मूत्र मार्ग में टीबी / Tuberculosis in the urinary tract

लोगों की बढ़ती उम्र और गर्भावस्था में भी पेशाब में पस सेल्स आ सकते हैं।

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मूत्र में पस सेल्स से बचाव के घरेलू नुस्खे / Home remedies for pus cells in urine

1- मूली का रस / Radish juice

मूली में फोलिक एसिड, विटामिन-सी, जिंक, विटामिन बी कॉन्प्लेक्स, फास्फोरस (Folic Acid, Vitamin-C, Zinc, Vitamins, B-complex, Phosphorus) अधिक मात्रा में होते हैं। साथ ही साथ मूली में पानी भी भरपूर मात्रा में होता है, जिससे शरीर की अशुद्धियां बाहर निकलने लगती हैं। मूली एक प्राकृतिक मूत्र वर्धक है। मूली मूत्र मार्ग के संक्रमण में रोकथाम में लाभकारी है।

2- संतरे का रस / Orange juice

संतरे के रस को विटामिन सी (Vitamin- C) का अच्छा स्रोत पाया जाता है। संतरा पेशाब में मौजूद पस सेल्स (pus cells) की कोशिकाओं को दूर करने में काफी कारगर है। आप एक गिलास संतरे के रस का प्रतिदिन सेवन करें। इससे आपको मूत्र में पस सेल्स (pus cells in urine) की समस्या से राहत मिलेगी।

3- नींबू का रस / Lemon juice

नींबू के रस (Lemon juice) के द्वारा मूत्र में आने वाले पेशाब में मौजूद पस सेल्स (pus cells) को दूर करने में काफी सहायता मिलती है। नींबू शरीर के अंदर जमा गंदगी को साफ करता है। पस सेल्स (pus cells) में राहत पाने के लिए प्रतिदिन एक गिलास नींबू के रस का सेवन करें l

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4- दालचीनी / Cinnamon

जिन व्यक्तियों के पेशाब में पस आता है या उन्हें पेशाब करते वक्त कोई भी परेशानी होती है। वे दालचीनी (Cinnamon) से इस बीमारी का इलाज कर सकते हैं।

5- जलकुंभी / water cress

जलकुंभी में विटामिन डी और कैल्शियम (Vitamin D and Calcium) भरपूर मात्रा में उपलब्ध होते हैं, जो कि पेशाब में पस सेल्स (pus cells) के लिए काफी बेहतर उपाय है। आप जलकुंभी की दो पत्तियों को पानी में उबाल ले और बंद करके रख दे। 10 मिनट के बाद आप इस पानी को छानकर पी लें।

6- खीरे का रस / Cucumber juice

खीरे में पोटेशियम, सिलिका, मैग्निशियम, सोडियम और कई प्रकार के विटामिंस (Potassium, silica, magnesium, sodium and many types of vitamins) मौजूद होते हैं। जो कि पेशाब में मौजूद एसिड को कम कर देते हैं। आप प्रतिदिन एक गिलास खीरे के रस में आधा चम्मच नींबू का रस और शहद मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करें। इससे आपको संक्रमण में लाभ होगा।

7- पानी तथा अन्य तरल पदार्थों / Water and other liquids

पानी तथा अन्य तरल पदार्थों से जितना अधिक हम पानी पिएंगे, उतनी ही हमें ज्यादा पेशाब आएगी, जिससे शरीर में मौजूद टॉक्सिन और बैक्टीरिया (Toxin and bacteria) बाहर निकलेंगे। इसके साथ ही फलों के जूस, सब्जियों के जूस, तरबूज, ककड़ी आदि से भी आपको पस सेल्स (pus cells) की समस्या में राहत मिलेगी।

8- करौंदे का जूस / cranberry juice

जिन व्यक्तियों को यू.टी.आई. इनफेक्शन है, उनके लिए करौंदे का जूस (cranberry juice) बहुत ही लाभकारी है। करौंदे के जूस में मौजूद बैक्टीरियल संक्रमण और पस सेल्स (Bacterial infections and pus cells) से बचाने में काफी सहायक होते हैं। यूरिन संक्रमण (Urine infections) का इलाज करौंदे के जूस (cranberry juice) से किया जा सकता है।

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9- बेल

बेल के द्वारा पस सेल्स (pus cells) का इलाज किया जा सकता है। बेल में मौजूद साहित्यिक और टॉनिक एसिड तथा कई प्रकार के विटामिंस और मिनरल्स (Vitamins and minerals) मानव शरीर को वायरल संक्रमण (Viral infections) से बचाने में काफी सहायता करते हैं। इसके साथ ही मूत्र संबंधी रोगों में भी लाभकारी है।

10- धनिया / coriander

धनिया मसाला ही नहीं, बल्कि एक बहुत अच्छी औषधि (Medicine) भी है। धनिया में विटामिंस और मिनरल्स (Vitamins and minerals) भरपूर मात्रा में होते हैं। धनिया गुर्दे संबंधी रोग तथा यूरिन इन्फेक्शन (Urine Infections) में भी काफी लाभकारी है।

11- प्याज / Onion

कई रोगों के उपचार में प्याज का उपयोग किया जाता है। प्याज के द्वारा शरीर में मौजूद टॉक्सिंस (Toxins) बाहर निकलने लगते हैं।

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12- दही / Curd

दही में कई प्रकार के बहुत ही अच्छे बैक्टीरिया (Bacteria) होते हैं, जो मानव शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया (Harmful bacteria) को समाप्त करते हैं और शरीर में मौजूद पस सेल्स (pus cells) को भी बाहर निकालते हैं।

13- लहसुन / Garlic

लहसुन को एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक औषधि ( natural antibiotic drug) के रूप में जाना जाता है। लहसुन के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है l

यदि Pus cells in urine पोस्ट से सम्बंधित आपका कोई भी सवाल हो तो आप कमेंट बॉक्स में अपने सवाल कर सकते है l हम जल्द से जल्द आपके सवालों का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे l

धन्यवाद !

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