Home Health Asana: Know The Amazing Benefits of Yoga | Best 18 Rules Of...

Asana: Know The Amazing Benefits of Yoga | Best 18 Rules Of Yoga

137
0
asana,asana in hindi
asana

Asana: जीवन जीने का एक अच्छा उपाय योग है। योग को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने से आप स्वस्थ रहेंगे। योग की जड़ है, ‘संस्कृत’ शब्द यूज, जिसका अर्थ है जोड़ना। योग आपके बाहरी ‘शरीर’ को लाभ पहुंचाता है। जब आपका शरीर असंतुलित होता है और ‘मांसपेशियां’ ठीक प्रकार से काम नहीं करती और एक-दूसरे के विरोधी कार्य करने लगते हैं। योग के द्वारा आप अपने शरीर की कई प्रकार की ‘बीमारियों’ को ठीक कर सकते हैं।

योग करने के लाभ / Benefits of Yoga (Asana)

1- ‘शारीरिक’ और ‘मानसिक’ उपचार के लिए योग सबसे अच्छा तरीका है। 

2- योग इतना ‘शक्तिशाली’ और ‘प्रभावी’ है कि, इससे सद्भाव और एकीकरण के सिद्धांतों पर काम करने की ताकत मिलती है। 

3- योग के द्वारा आप अस्थमा, मधुमेह, रक्तचाप, गठिया और विभिन्न प्रका (Asthama, diabetes, blood pressure, arthritis) की कई बीमारियों का इलाज कर सकते हैं। जिन रोगों पर आज तक आधुनिक विज्ञान उपचार देने में सफल नहीं हुआ है। योगा के द्वारा उन रोगों का भी उपचार किया जा सकता है।

योग करने के नियम 

1- जो लोग योग शुरू करना चाहते हैं, वो किसी गुरु के निर्देशन में योगाभ्यास करें।

2- ‘सूर्योदय’ और ‘सूर्यास्त‘ के बाद योगा करना उत्तम रहता है।

4- योगा करने से पहले स्नान जरूर करना चाहिए।

5- खाली पेट योगा करना चाहिए। योगा करने से 2 घंटे पहले कुछ भी नहीं खाना चाहिए।

6- योगा करते समय आरामदायक ‘सूती वस्त्र’ पहनने चाहिए।

7- योगा करते समय अपने मन को ‘शांत’ रखें और अपने ‘दिमाग’ से बुरे ख्यालों को निकाल दें।

8- सदैव ‘शांत वातावरण’ और साफ जगह में ही योग करें। 

9- अन्य कार्य में मन ना लगाकर योग की तरफ केंद्रित करें।

10- योग को ‘धैर्य’ और ‘दृढ़ता’ के साथ करें। 

11- जितना हो सके उतने ही ‘योग अभ्यास’ करें। अपने शरीर पर बिल्कुल भी ‘प्रेशर’ ना डालें।

12- योगा करते समय ‘धीरज’ रखें। आपको जल्दी ही योग के लाभ महसूस होने लगेंगे।

13- निरंतर योग करने से आपको अच्छे ‘परिणाम’ मिलेंगे।

14- योग करने के बाद आधा घंटे तक कुछ ना खाएं और 1 घंटे तक स्नान भी ना करें।

15- आप ‘प्राणायाम’ के बाद ही योग करें।

16- यदि किसी को कोई बीमारी है, तो वे ‘डॉक्टर’ के परामर्श के बाद ही योग करना शुरू करें।

17- यदि किसी को योग करने से ‘तकलीफ’ बढ़ती है, तो ‘योगाभ्यास’ तुरंत बंद कर दे।

18-  ‘योगाभ्यास’ के अंत में ‘शवासन’ जरूर करें।

Read also: Kapalbhati: Benefits Of Kapalbhati Pranayama

योग के प्रकार योग मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते हैं /yoga are mainly of 4 types (Asana)

1- राजयोग

इसका अर्थ है शाही योग। ये योग की शाखा का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। राजयोग के आठ अंग है। जिस कारण पतंजलि ने इसका नाम अष्टांग योग भी रखा। इस योग को योगसूत्र पतंजलि में उल्लेखित किया गया है। इसके आठ अंग हैं यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि 

2- कर्मयोग 

योग की अगली शाखा कर्मयोग है। कर्मयोग का अर्थ है सेवा का मार्ग। हम में से किसी भी व्यक्ति को सेवा करने से नहीं बचना चाहिए। आप दूसरों की निस्वार्थ सेवा करें। यही कलयुग का सिद्धांत है।

3- भक्ति योग 

इस योग में भक्ति के मार्ग का वर्णन किया गया है। इसमें बताया गया है कि पूरी सृष्टि में परमात्मा को देखकर भक्ति योग के द्वारा भावनाओं को नियंत्रित करने का एक अच्छा तरीका है। भक्ति के मार्ग पर चलने से मानव जीवन में एकाग्रता आती है। 

4- ज्ञान योग 

यदि भक्ति योग को मन का योग माना जाता है, तो ज्ञान योग को बुद्धि का योग कहते हैं। इस बुद्धि में अध्ययन के माध्यम से बुद्धि का विकास होता है। सभी योगों में ज्ञान योग सबसे कठिन माना जाता है। ज्ञान योग का गंभीर अध्ययन करना पड़ता है। ज्ञान ज्ञान योग वही लोग कर सकते हैं, जो इस योग को करने के लिए इच्छुक हैं।

योगा करने का सही समय /The right time to do yoga ( Asana )

1- आपको योग करने का एक समय निर्धारित कर लेना चाहिए। ये आपके लिए उत्तम रहेगा हमेशा। 

2- योगाभ्यास किसी दरी या चटाई पर बैठकर ही करना चाहिए। सदा ही योग को खुले स्थान पर करना चाहिए। 

3- ध्यान रखें कि आप योग ऐसी जगह करें, जहां आपको ताजा हवा मिले। 

योग की शुरुआत करने के लिए जरूरी सावधानियां / Precautions needed to start yoga (Asana)

1- आप योग को धैर्य के साथ करें। जिन लोगों के शरीर में लचीलापन कम है, शुरुआत में उन्हें थोड़ी कठिनाई हो सकती है। लेकिन धीरे-धीरे आपको आसानी होने लगेगी।

2- जिन लोगों की मांसपेशियों और जोड़ों में खिंचाव कम होता है। उन लोगों को मांसपेशियों में धीरे-धीरे लचीलापन आने लगेगा।

3- आप योग करते समय शरीर के साथ बिल्कुल भी जबरदस्ती ना करें।

4- शुरुआत में आप सिर्फ वही आसन करें, जो आपके लिए आसान हो। 

5- योग करते वक्त दो आसनों के बीच कुछ सेकेंड का अंतर जरूर रखें और अपने शरीर को विश्राम दे। 

योगाभ्यास करने के लिए सावधानी / Cautions to Yoga (Asana)

1- पीरियड के दौरान किसी भी महिला को योगाभ्यास नहीं करना चाहिए। 

2- जो महिलाएं गर्भवती हैं, उन्हें किसी प्रशिक्षक की देखरेख में ही योगाभ्यास करना चाहिए।

3- 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कठिन योगाभ्यास नहीं कराने चाहिए। यदि आप उन्हें योगाभ्यास कराना चाहते हैं, तो किसी प्रशिक्षक की देखरेख में ही कराएं।

4- जो लोग योगा करते हैं, उन्हें खान-पान में संयम रखना चाहिए।

5- योगाभ्यास करने वाले लोग धूम्रपान ना करें। जिन लोगों को धूम्रपान और तंबाकू खाने की आदत है इस आदत को छोड़ दें। 

6- नींद पूरी लें। 

7- आप अपने शरीर को पोस्टिक आहार दें, जिससे आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्राप्त हो सके।

8- समय से सोए और विश्राम जरूर करें।

यदि अस से सम्बंधित आपका कोई भी सवाल हो तो आप कमेंट बॉक्स में अपने सवाल कर सकते है l हम जल्द से जल्द आपके सवालों का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे l

धनयवाद !

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here